Friday, 03 April 2026

350 साल में पहली बार महंत आवास से ढंककर निकली बाबा विश्वनाथ और गौरा की पालकी यात्रा, अजय राय बोले- काशी का अपमान

काशी में 350 साल से चली आ रही बाबा विश्वनाथ और मां गौरी की पालकी यात्रा पहली बार ढंककर निकाली गई। इसे लेकर यूपी प्रदेश अध्यक्ष अजय राय ने आक्रोश जताया और इसे काशी का अपमान कहा है।

वाराणसी में रंगभरी एकादशी पर हर साल महंत आवास से निकलने वाली पालकी यात्रा इस बार भी निकली लेकिन बाबा विश्वनाथ और मां पार्वती को ढंककर मंदिर तक लाया गया। यही नहीं, शाम तीन बजे के स्थान पर सुबह आठ बजे ही पालकी यात्रा निकली।350 साल से भी ज्यादा समय से चली आ रही परंपरा को इस तरह बदलने पर यूपी प्रदेश अध्यक्ष और वाराणसी के ही रहने वाले अजय राय ने काशी का अपमान कहा है। अजय राय ने कहा कि बाबा विश्वनाथ और मां गौरा की मूर्ति को ढंककर ले जाना काशी की भावनाओं का अपमान है। बनारस की सनातन परंपरा को ध्वस्त करने का काम किया गया है।


अजय राय ने कहा कि हम लोग रंगभरी एकादशी में बाबा विश्वनाथ के दर्शन करते हैं। लेकिन पुलिस लगाकर रोका जा रहा है। कहा जा रहा है कि आप पालकी यात्रा में शामिल नहीं होंगे। पालकी में काशी के लोग दर्शन करते हैं और आशीर्वाद लेते हैं। क्योंकि हमारे काशी के वे राजा हैं। हम लोग उनके भक्त हैं। उन्होंने कहा कि माता गौरा और काशी विश्वनाथ का हम लोग दर्शन करते हैं। लेकिन उसको रोकना हमारी धार्मिक भावनाओं को आहत किया जा रहा है। बनारस की सनातन परंपरा को ध्वस्त करने का काम किया गया है।

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